वर्तमान में चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें संस्करण के प्लेऑफ मैचों की टिकटों की बिक्री से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी कि बीसीसीआई को तकरीबन 20 करोड़ रुपए की आमदनी की उम्मीद जताई गयी है। आपको बता दें कि ग्रुप स्टेज में जितने मुकाबले होते हैं उन मुकाबलों के टिकटों से होने वाली आमदनी को विभिन्न फ्रेंचाइजियों जो टीमों को हायर करती हैं उनको दे दी जाती है। लेकिन अंतिम के चार मुकाबलों से कमाया गया पैसा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को दिया जाता है। आईएएनएस के रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने आईपीएल के इस सीजन के लिए जारी किए गए बजट में यह दर्शाया है कि पिछले वर्ष टिकटों की ब्रिकी से जो आमदनी हुई थी उस आमदनी से 2 करोड़ अधिक का मुनाफा होगा। आपको बता दें पिछले वर्ष आइपीएल की टिकटों से बोर्ड को 18 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन का फाइनल मैच 12 मई को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टडियम में खेला जाएगा वहीं क्वालीफायर-1 चेन्नई में और क्वालीफायर-2 एवं एलिमिनेटर मैच विशाखापट्टनम में खेला जाएगा। इस विषय में तमिलनाडु क्रिकेट संघ को आई, जे एंड के स्टैंड खोलने की अनुमति न मिलने की वजह से फाइनल मुकाबला हैदराबाद में खेले जाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा आमतौर पर होता है कि प्लेऑफ मुकाबले में जीतने वाले विजेता और फाइनल तक पहुंचने वाली टीम के घरेलू मैदान पर खेले जाते हैं लेकिन कुछ कारणों से ऐसा नहीं हुआ।
आपको बता दें कि क्वालीफायर-1 मैच सात मई को चेन्नई में खेला जाएगा। क्वालीफायर-2 और एलिमिनेटर मैच क्रमशः 8 और 10 मई को विशाखापट्टनम में होगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय ने कहा था कि आईपीएल के प्लेऑफ मुकाबलों को स्थानांतरित करना होगा क्योंकि इन मैचों में बिक्री हुए टिकट का पैसा बोर्ड का विशेषाधिकार है। विनोद राय ने यह भी कहा था कि तमिलनाडु क्रिकेट संघ को आई, जे एंड के स्टैंड खोलने की अनुमति नहीं मिली जिस विषय में उन्होंने हमें सूचित किया तो हमने मुकाबलों को चेन्नई के बजाय हैदराबाद स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि ऐसा निर्णय मुझे इसलिए लेना पड़ा क्यूंकि नॉक-आउट मैचों की टिकट बिक्री बोर्ड का विशेषाधिकार है।

