२६ फरवरी की रात जब सम्पूर्ण भारतवर्ष शांति की नींद सो रहा था , हमारी वायुसेना के जवान पुलवामा के दोषीओ को डंडित करने की योजना बना रहे थे | तड़के ३.३० बजे जब हम और हमारा देश सुनहरे सपनो में खोया था , हमारे जवान 12 मिराज 2000 फाइटर जेट लेकर पाकिस्तान के बालकोट में घुसे और आतंकियो “जैश ए मोहम्मद” के प्रमुख ठिकाने पर धुआंधार बम बरसाए इस बमबारी में वायुसेना ने लगभग 1000 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया । यह आतंकवादी कैम्प मौलाना यूसुफ अज़हर (जो कि मसूद अजहर के रिश्तेदार है) द्वारा चलाया जा रहा था और यह जैश का सबसे बड़ा ट्रेनिंग कैम्प था। अभी तक अनुमान के अनुसार लगभग 300 आंतकि ढेर किये गए है। यह कारनामा कर के हमारे जवान वापिस हिंदुस्तान में आ चुके थे जब तक कि हम आंखे खोलते और अपनी नित्यक्रियाओं में व्यस्त होते।
यह बात तो खबरों में रही है कि वायुसेना युद्धाभ्यास में लगी हुई थी, लेकिन विश्वस्तरीय कूटनीति को ध्यान में रखते हुए किसी ने ये उम्मीद नही रखी थी कि आक्रमण इतना जल्दी होगा। हालांकि कुछ दिनों पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि भारत कुछ बड़ी कार्यवाही की तयारी में है। खबरों की माने तो पाकिस्तान कर बालकोट में आक्रमण का आदेश खुद तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दी थी।हाला की इस बात की पुष्टि अभी नही की गई है।
खबरों की माने तो जैश भारत पर और भी आतंकवादी आक्रमण करने की तैयारी में था और इसकी तयारी में जोर सोर से लगा था । और इसकी जानकारी मिलते ही वायुसेना ने जैश की कमर तोड़ दी। इस बमबारी में जैश के कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षक, सीनियर कमांडर और आतंकवादी मारे गए है।
इस आक्रमण के बाद उत्पन तनाव के मद्देनजर पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने आपातकालीन सभा बुलाया है। वही भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति श्री एम वैंकया नायडू को मिले और आक्रमण की जानकारी दी। भारत ने अर्सों बाद विकराल रूप धारण किया है और इसका नुकसान आतंकवादियो के आकाओ को झेलना पड़ रहा है।