हितेश पंत (नई दिल्ली)
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को लेकर अहम बदलाव किया है। नीट, जेईई व नेट की परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को दी गई है। प्रवेश परीक्षा को समय पर आयोजित करना और उनमें पारदर्शिता कायम रखना ये एजेंसी का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। नीट व जेईई जैसी परीक्षाएं ये आयोग साल में दो बार आयोजित करेगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अपना काम शुरू कर दिया है। ये एजेंसी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट), जॉइंड एंट्रेंस एग्जाम (जेईई), नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) का आयोजन करेगी। अभी तक इन परीक्षाओं को सीबीएसई कराता था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अब नीट की परीक्षा साल में दो बार फरवरी और मई में आयोजित करेगी। जेईई मेन्स की परीक्षा हर साल जनवरी और अप्रैल में होगी। इसके अलावा नेट परीक्षा का आयोजन दिसंबर महीने में होगा। ये सभी परीक्षाएं कम्प्यूटर के माध्यम से करवाई जाएंगी।
सरकार का दावा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से छात्रों को बड़ी सहुलियत मिलेगी। नीट और जेईई की परीक्षाएं देने वाले 12वीं के छात्रों को बोर्ड की परीक्षाओं के साथ साथ प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का अच्छा मौका होगा। वे अब साल में दो बार प्रवेश परीक्षाएं दे पाएंगे।
कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं होने से इनमें गड़बड़ियों की आशंका बहुत कम होगी। मंत्रालय का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अत्यधिक सुरक्षित सॉफ्टवेयर और तकनीक का उपयोग करेगी। हर एग्जाम 4 से 5 दिन तक होगा और छात्रों को एग्जाम डेट चुनने की आजादी होगी। हांलाकि परीक्षा के पैटर्न, सैलेबस और फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है।