हितेश पंत (नई दिल्ली)
देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित सैनिक स्कूल देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में से हैं। इन सैनिक स्कूलों में छात्रों को बेहतरीन शिक्षा के साथ सैन्य सेवाओं के लिए भी तैयार किया जाता है। अभी तक सैनिक स्कूलों में लड़कों को ही एडमिशन दिया जाता था। लेकिन इस बार लखऩऊ सैनिक स्कूल ने लड़कियों को दाखिला देकर एक नई पहल शुरू की है।
सैनिक स्कूल के अब तक के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब वहां लड़कियों को दाखिला दिया गया है। लखनऊ के कैप्टन मनोज पांडे सैनिक स्कूल में इस सत्र में 15 लड़कियों को दाखिला मिला है। इन सभी छात्राओं को कक्षा 9 में दाखिला मिला है। स्कूल में 19 अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में इस सभी छात्राओं ने स्कूल ज्वाइन भी कर लिया है।
स्कूल में लड़कियों के लिए दाखिला इतना आसान नहीं रहा। कड़ी प्रतियोगिता के बाद लड़कियां यहां एडमिशन लेने में कामयाब हो सकीं। लड़कियों के लिए निर्धारित 15 सीटों में कुल 2500 आवेदन आए। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 15 लड़कियां ही दाखिला लेने में कामयाब हो सकीं। स्कूल के प्रधानाचार्य कर्नल अमित चटर्जी का कहना है कि ये छात्राएं कठिन प्रतिस्पर्धा के बाद स्कूल में दाखिला लेने में सफल हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में लड़कियों का बैच शुरू होने से स्कूल को तो खुशी है ही, दाखिला लेने वाली छात्राएं भी गर्व का अनुभव कर रही हैं।
सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयन की ट्रेनिंग भी दी जाती है। छात्रों को स्कूल से ही सैनिक परिवेश दिया जाता है और सैन्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों से बखूबी रूबरू कराया जाता है। ताकि आगे छात्र सैन्य परिवेश में आसानी से शामिल हो सकें। हर बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयनित उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा संख्या सैनिक स्कूल के छात्रों की ही होती है।
देश में अभी 27 सैनिक स्कूल हैं जो रक्षा मंत्रालय के अधीन हैं। लखनऊ का कैप्टन मनोज पांडे सैनिक स्कूल राज्य सरकार के अंतर्गत आता है। इस स्कूल की स्थापना 1960 में की गई थी। यहां के कई छात्र हर साल भारतीय सेना, नौ सेना और वायु सेना में अधिकारी के पद पर शामिल होते हैं।