वैसे तो हमारे भारत देश में चालान काटने का नियम हर व्यक्ति पर लागू होता है। पर यहाँ कुछ खास लोग ऐसे भी है, जिन पर यह नियम जरा भी लागू नहीं होता। क्या आप जानते है कि वो लोग कौन है। बहरहाल ये वही लोग है, जिन्होंने इस नियम को लागू किया है। जो देश को चलाने का काम करते है। उन्ही की गाड़ियों का चालान काटना क़ानूनी रूप से सही नहीं माना जाता। हालांकि हम यहाँ देश के नेताओ या राजनेताओ की बुराई नहीं कर रहे। मगर ये बात तो सच है, कि जो नियम आम लोगो पर लागू किए जाते है। वह नियम देश के बड़े बड़े राजनेताओ पर भी लागू होने चाहिए। फिर भले ही वह इस देश के प्रधानमंत्री हो या देश के राष्ट्रपति हो या देश के गवर्नर हो। पर नियम तो हर किसी पर लागू होना चाहिए।
हमारे भारत देश में इन लोगो की गाडी का चालान नहीं काटा जा सकता..
वैसे हम आपको बता दे कि क़ानूनी नियम के अनुसार देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और गवर्नर की गाडी का चालान नहीं काटा जा सकता। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो देश की बागडोर चलाने वाले इन सभी नेताओ की डोर कोई नहीं काट सकता। अब जाहिर सी बात है कि जिन लोगो की गाडी के आगे और पीछे इतने सारे सुरक्षाकर्मियों की लाइन लगी हो। भला उनकी गाडी का चालान कोई कैसे काट सकता है। गौरतलब है कि आज कल चालान का फाइन पहले से कही ज्यादा बढ़ा दिया गया है।
मगर इसका मतलब ये नहीं कि सरकार को जनता की कोई फ़िक्र नहीं है। वास्तव में अगर ऐसा होता तो आज हमारे भारत देश में इतनी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होती। यह देश आज भी पिछड़े हुए लोगो की गिनती में गिना जाता। जब कि ऐसा नहीं है। जी हां आज के समय में इस देश को विकसित और विकासशील देश के नाम से जाना जाता है। ऐसे में अगर इस देश को संभालने वाले लोगो की गाडी का चालान न भी काटा जाएँ तो इसमें कोई बुराई है। दोस्तों इस बारे में आपकी क्या राय है ये हमें जरूर बताईयेगा।



