जानिए शिकागो की विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने ऐसा क्या कहा, जिसकी चर्चा 126 साल बाद भी हो रही है.

स्वामी विवेकानंद

जब भी कहीं युवाओं के लिए आदर्श मानी जाने वाली महान विभूतियों की चर्चा होती है, स्वामी विवेकानंद का नाम जुबान पर जरूर आता है. वही विवेकानंद जिन्होंने युवावस्था में ही सन्यासी का जीवन गृहण कर लिया था. वही विवेकानंद जिन्होंने विश्व भर में भारत की महानता का गुणगान किया था. वही विवेकानंद जिन्होंने भारत को सपेरों का देश मानने वालों के भ्रम को मिटा कर रख दिया. आज उसी युवा सन्यासी को पूरे विश्व में याद किया जा रहा है, क्योंकि आज का ही वो ऐतिहासिक दिन था, जब 126 वर्ष पहले अमेरिका के शहर शिकागो में आयोजित हुई धर्म सभा में स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति का परिचय पूरे विश्व से परिचय करवाया था.

11 सितम्बर, 1863…. शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वो दिन इतिहास में दर्ज हो जाएगा. लोग सैकड़ों साल बाद भी इस दिन को याद रखेंगे. जानिए, स्वामी विवेकानंद ने उस विश्व धर्म सभा में ऐसा क्या कहा सैकड़ों साल बाद भी लोग उस भाषण को याद करना नहीं भूलते…..

विवेकानंद ने अपने भाषण की शुरुआत में आभार व्यक्त करते हुए कहा, अमरीकी भाइयों और बहनों! आपने जिस प्रेम के साथ मेरा स्वागत किया है उससे मेरा दिल भर आया है. मैं दुनिया की सबसे पुरानी संत परंपरा और सभी धर्मों की जननी की तरफ़ से आपका धन्यवाद देता हूं. सभी जातियों और संप्रदायों के लाखों-करोड़ों हिंदुओं की तरफ़ से आपका आभार व्यक्त करता हूं. मैं इस मंच पर बोलने वाले कुछ वक्ताओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने यह ज़ाहिर किया कि दुनिया में सहिष्णुता का विचार पूर्व के देशों से फैला है.

उन्होंने बिना किसी संकोच के अपने धर्म पर गर्व जताते हुए कहा मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म से हूं जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है. हम सिर्फ़ सार्वभौमिक सहिष्णुता पर ही विश्वास नहीं करते बल्कि हम सभी धर्मों को सच के रूप में स्वीकार करते हैं.

विवेकानंद ने अपने देश की शरण देने की परम्परा का वर्णन करते हुए कहा मुझे गर्व है कि मैं उस देश से हूं जिसने सभी धर्मों और सभी देशों के सताए गए लोगों को अपने यहां शरण दी. मुझे गर्व है कि हमने अपने दिल में इसराइल की वो पवित्र यादें संजो रखी हैं जिनमें उनके धर्मस्थलों को रोमन हमलावरों ने तहस-नहस कर दिया था और फिर उन्होंने दक्षिण भारत में शरण ली. मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं जिसने पारसी धर्म के लोगों को शरण दी और लगातार अब भी उनकी मदद कर रहा है.

बचपन के से ही याद किये एक श्लोक को सुनाते हुए विवेकानंद कहते हैं आज मुझे एक ऐसे श्लोक का स्मरण हो रहा है जिसे मैं बचपन से ही याद करता आ रहा हूँ, जिसे हर दिन करोड़ों लोग दोहराते हैं. जिस तरह अलग-अलग जगहों से निकली नदियां, अलग-अलग रास्तों से होकर आखिरकार समुद्र में मिल जाती हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य अपनी इच्छा से अलग-अलग रास्ते चुनता है. ये रास्ते देखने में भले ही अलग-अलग लगते हों, लेकिन ये सब ईश्वर तक जाने का मार्ग हैं.

गीता के श्लोक की दोहराते हुए विवेकानंद ने कहा मौजूदा सम्मेलन जो आज तक की सबसे पवित्र सभाओं में से एक है, वह अपने आप में गीता में कहे गए इस उपदेश इसका प्रमाण है जो भी मुझ तक आता है, चाहे कैसा भी हो, मैं उस तक पहुंचता हूं. लोग अलग-अलग रास्ते चुनते हैं, परेशानियां झेलते हैं, लेकिन आखिर में मुझ तक पहुंचते हैं. कट्टरताऔर साम्प्रदायिकता पर प्रहार करते हुए स्वामी विवेकानंद ने कहा सांप्रदायिकता, कट्टरता और इसके भयानक वंशजों की हठधर्मिता ने लंबे समय से इस खूबसूरत धरती को जकड़ रखा है. उन्होंने इस धरती को हिंसा से भर दिया है और कितनी ही बार यह धरती खून से लाल हो चुकी है. न जाने कितनी सभ्याताएं तबाह हुईं और कितने देश मिटा दिए गए.

भविष्य में अच्छे की उम्मीद का भरोसा लिए विवेकानंद आत्मविश्वास के साथ ऐसी परिस्थितियों के जल्द ही खत्म होने की बात कहते हैं. उन्होंने कहा “यदि ये ख़ौफ़नाक राक्षस नहीं होते तो मानव समाज जितना अभी है उससे कहीं ज़्यादा बेहतर होता मगर उनका वक़्त अब पूरा हो चुका है. मुझे उम्मीद है कि इस सम्मेलन का बिगुल सभी तरह की कट्टरता, हठधर्मिता और दुखों का विनाश करने वाला होगा. चाहे वह तलवार से हो या फिर कलम से. “

12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी विवेकानंद बचपन से ही ओज विचारों वाले थे. कम उम्र में पैदा हुए उनके गंभीर विचारों को सुनकर कोई भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता था. बचपन में नरेंद्र के नाम से पुकारे जाने वाले विवेकानंद को आध्यात्मिक प्रवत्ति वाले थे. रामकृष्ण परमहंस उनके प्रमुख गुरु माने जाते थे. विश्व धर्म सभा को 126 वर्ष पूरे होने के बाद ही उस ऐतिहासिक दिन का जिक्र आज  भी पूरे विश्व में हो रहा है.

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.

 

Rajeshwar Singh

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

IND vs SA Head To Head in T20’S IPL 2022: STAT TRACKER